156-No Blind Criticize

ये लेख लंबा जरूर है परंतु आप पढ़ेंगे, तो पाएंगे कि, हर विचार तथ्यों पर आधारित है।

मेरे ख़्याल से, इस लेख में आप समूचे देश की वास्तविक तश्वीर देख पाये..

मग़र आप पहले से ही किसी पूर्वाग्रह से ग्रसित हैं तो बात अलग है। अन्यथा इस “विचार”  को एक स्वस्थ-मानसिकता से समझते हुए धैर्यपूर्वक एकबार पढ़ लिया जाएं..!! तो, व्यक्ति के मन पर जमीं कार्मिक-लेयर काफी हद तक हट सकती है।👍

हमारे पढ़े लिखे प्राइममिनिस्टर एवं अर्थशास्त्री श्री मनमोहन सिंह जी  vs  आपकी नज़रों में एक अनपढ़, फेंकू, जुमलेबाज आपके “नरेंद्र मोदी”…

बी.एस.एन.एल.  का पहला घाटा 2009 में हुआ.. और कितना..?  10,000 करोड़ का।

Air india के जहाज़ बेचे गए 2010  में,

और कई बार Air India को बेचने की कोशिश भी की गयी, दुर्भाग्य से उचित ग्राहक नहीं मिल सके।

HMT कंपनी का घाटा 2014 में,  नतीजा कंपनी बंद।

  Hdfc, icici जैसी सरकारी कंपनियों को प्राइवेट किया 1996 में। 

SBI जैसे सबसे बड़े बैंक के शेयर बेच कर देश का सबसे कम सरकारी शेयर होल्डिंग वाला बैंक बनाया,

किसी वक्त 57% शेयर की हिस्सेदारी। बैंक में सिर्फ 1 लाख रुपए  तक की सुरक्षा गारंटी थी , जिसे आपके अनपढ़ मोदी ने 5 लाख करा दिया..

  पहले बिना witness के बैंक अकाउंट नहीं खुलता था। ( हमारे मनमोहन जी के राज में।)

अनपढ़ मोदी ने सेल्फ अटेस्टेशन को मान्यता दी, अब किसी witness की जरूरत नहीं।✔️

वरना आज भी एक आधार कार्ड पर,  खुदके हस्ताक्षर की बजाय, नोटरी से अटेस्ट करवाते फिरते और पैसा, टाइम दोनों बर्बाद होते।

ग्रुप C और ग्रुप D की नौकरी के लिए इंटरव्यू लिए जाते थे, जिनमें  सदैव नेताओं और अफसरों के नाते-रिश्तेदार व रिश्वत देने वाले ही चुने जाते थे। 

आपको याद होगा.. डॉक्टर की उपाधि प्राप्त हमारे मनमोहन सिंह जी के राज में एक सफाई कर्मचारी के लिए भी इंटरव्यू होता था, और इन पदों पर इंटरव्यू का मतलव रिश्वत का रास्ता।

  मग़र आपके अनपढ़ मोदी ने आते ही जनवरी 2015 से इन पदों की तो बात छोड़ो माध्यमिक शिक्षा चयन आयोग में T.G.T. शिक्षक  की भर्ती तक में इंटरव्यू बंद कर दिया..

केवल लिखित-परीक्षा में वरीयता सूची के आधार पर युवकों को आज एकदम फेयर तरीके से नौकरी दी जा रही हैं।

लिखित-परीक्षा की अच्छे से तैयारी करके आज गरीब का बच्चा भी अपनी मेहनत से नौकरी में सेलेक्ट हो रहा है। पहले सेटिंग चलती थी, इसलिए रिजल्ट भी बहुत देर से आते थे अब समय से सब कार्य होने लगे हैं।

मनमोहन के राज में किसी गरीब को प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज़ के लिए कोई सुविधा नहीं थी।

अनपढ़ मोदी ने 5 लाख प्रति वर्ष के खर्चे तक का इलाज़ गरीबों के लिए विल्कुल फ्री कर.. अर्थात उनको कार्ड बनाकर दे दिए हैं।

पहले गरीब को सस्ता बीमा उपलब्ध नहीं था। आपके फेंकू मोदी ने मात्र 12 रुपये सालाना में 2 लाख तक के बीमा की सुविधा उपलब्ध करा दी है।

हमारे पढ़े लिखे मनमोहन जी ये सोच तक न सके कि प्राइवेट वर्कर को 60 साल के बाद पेंशन कैसे दें। 

जबकि,आपके अनपढ़ मोदी उनके लिए अटल पेंशन योजना ले आए। जिसमें गरीब को कम से कम 5000 रु महीना पेंशन और सेवा के अंत में 8.5 लाख रु की सहायता राशि का प्रावधान है। 

आपके अनपढ़ मोदी 9 करोड़ फ्री गैस कनेक्शन दे चुके हैं। हमारे मनमोहन जी यहां भी मात खा गए.. वे तो होम-लोन पर भी एक पैसे की सब्सिडी नहीं दे पाये।

  पर बेचारा आपका फेंकू, होम लोन पे 2 लाख 70,000 रुपये वापस दे देता है।   आपको चाय/कॉफ़ी आदि का व्यापार करने के लिए बिना किसी गारंटी के 10 लाख तक का लोन दे देता है।

पढ़े लिखे हमारे चहेते पी एम ने अपने स्मार्ट mind से कितने घोटाले कराये,

ये जग ज़ाहिर है.. 

एक और बात.. महिलाओं को 6 महीने की मैटरनिटी leave दिलवा दी, आपके अनपढ़ ने।

  देखिए कैसी अजीब विडम्बना है..? ये अनपढ़ जो हमारी आंखों में हर वक्त खटकता है। उसी के द्वारा प्रोजेक्ट की गयी “किसान-निधि-योजना” के अंतर्गत देश का हर किसान पॉकेट-मनी की तरह महीने के 500 रूपये चुपके से अपने खाते से निकाल लेता है। फिर भी पी.एम. को गाली देता है। जबकि हमारे अर्थशास्त्री प्राइम मिनिस्टर श्री मनमोहन जी ये ही बोलते रहे..कि, ‘पैसे पेड़ पै नहीं लगते।’

आप ख़ुद जानते हो, जो ये सस्ता unlimited मोबाइल डाटा मिल रहा है ,

ये भी आपके अनपढ़ के राज में हुआ है। और इसकी शुरुआत अम्बानी ने ही की थी जिससे आज  ऑनलाइन पढ़ाई , ऑनलाइन बिज़नेस , ऑनलाइन मीटिंग/कॉन्फ्रेंस आदि संभव हो पायी हैं।

  आज  जो ये रेलगाड़ी के स्लीपर डब्वे में हर जगह मोबाइल चार्जिंग पॉइंट देखते हो, ये भी आपके फेंकू की ही करामात है।

ईमानदार मनमोहन जी तो इतना भी न सोच पाये कि तत्काल का टिकट देने में लोगों को आख़िर इतना परेशान क्यों किया जाता है..?

ये भी इस चाय वाले ने आते ही आते तत्काल टिकट का टाइम बदल कर लोगों की परेशानी को काफी हद तक खत्म ही कर दिया है। 

करंट रिजर्वेशन करके (चार्ट बनने के बाद भी), टिकट  की wastage और यात्री की सुविधा को बढ़ाया।

देश में होने वाली बम व्लास्ट सिरीज़ को तो आप लगभग भूल से ही गए होगे..क्यों..? याद आये वे दिलदहलाने वाले ब्लास्ट..

“wednesday” movie देख लेना, शायद याद आ जाये। आपके मोदी ने चीन बॉर्डर पर कितना सड़क, Armypost बनाया ..? विश्वास न हो तो RTI डालके पूछ लीजियेगा। 

मनमोहन जी के टाइम बिजली की कमी थी, पर आपकेअनपढ़ ने सोलर पावर से उस कमी को काफी हद तक नियंत्रित कर लिया है।

UP, बिहार वालो को बिजली कितनी मिलती थी ये हम सब जानते हैं। नेताओं की आड़ में जो बेवज़ह की लाल बत्ती सड़कों पर दौड़ते देखते थे,वो भी हर किसी की गाडी पर, उसे भी

हमारे मनमोहन जी ने नहीं आपके मोदी ने ही बंद कराया है। कोरोना में कहा गया की देश में हॉस्पिटल व्यवस्था अच्छी नहीं, जो कि सच भी है। 

पर सच ये भी है कि मनमोहनजी के समय 7 AIIMS ही थे, वो भी अटल जी द्वारा पास की हुई योजनाओं के अंतर्गत बने थे। और आज देश में 

14 AIIMS हैं। ये तो आपके फेंकू मोदी ने फेकते-फेकते बनवा दिए ..

हालांकि देश में अभी और  हॉस्पिटल्स पर भी काम चल रहा है..चिकित्सा सुविधाएं तो देश में पर्याप्त होनी चाहिए, पर सुधार भी हुआ है। पहले से कहीं अधिक..

‘नरेगा’ को हमारे मनमोहन जी ने शुरू अवश्य किया था। मग़र आपके मोदी ने इसका बजट और भी बढ़वा दिया है।

One रैंक one पेंशन जिसे कभी हमारी इंदिरा जी ने बंद किया था, परन्तु उसे आपके मोदी ने फिर से बहाल कर दिया है।

इसका लाभ क्या है..? ये किसी 20 साल पुराने रिटायर्ड फौजी से पूछियेगा👍

One नेशन One राशन को दूसरे राज्यों में काम करने वाले मजदूरों से पूछियेगा

पढ़े-लिखे मनमोहन जी इतना सा काम भी न कर सके..!! ये जो फ़ोन नंबर पोर्ट करते हो न, ये भी मोदी के टाइम हुआ, वरना पहले तो फ़ोन चोरी होते ही नया सिम नया नंबर लेना ही होता था।

  राजघाट 44 एकड़,

शांतिवन 52 एकड़,

विजयघाट भी 44 एकड़

वो भी दिल्ली जैसी जगह पर..!!! जहां जिंदा लोगों के रहने.. तक को जगह नहीं, वहां वेशकीमती जगह मरे हुओं की समाधियों..में घेर के रखदी है वाह! कैसा.. निपट अज्ञान है।

क्षति,जल,पावक,गगन,समीरा। पंच-तत्व मिल बना शरीरा।।

ये पांचों तत्व शरीरांत होने पर स्वतः अपने-अपने स्रोत में वापस मिल जाते हैं। फिर भी आप देखिए इन भटके हुए लोगों ने इस ईश्वरीय व वैज्ञानिक पूर्व निर्धारित-व्यवस्था को किस प्रकार झूठ लाने की हिमांकत की है..!!! 

भटके हुए नेतृत्व ने ऐसी गलत परम्परा डाल दी है..देश कितनी ही परिस्थितियों में क्यों न हो, इन मृत-स्थलों के रख-रखाव के नाम पर प्रति वर्ष करोड़ो रु खर्च करने ही होते हैं।

इस पर सभी चुप रहते हैं।  पर जैसे ही सरदार पटेल की मात्र 5 एकड़ में समाधि नहीं उनकी प्रतिमा जी लगभग 2,000 करोड़ की लागत से तैयार हुई..जबकि जिसमे 500 करोड़ गुजरात, 250 करोड़ केंद्र का or बाकी दूसरे  राज्यों या प्राइवेट फंडिंग से आया है। जिसमे हर साल लाखों लोग टिकट ले ले कर जाते हैं..औसतन 3 साल में 50 लाख लोगों द्वारा देखने की व्यवस्था बनी रहेगी।

मग़र उसकी आलोचना होती है। जहां देश में 15 करोड़ सालाना औसतन एक समाधि का खर्च है, वहां हम कोई विचार-विमर्श भी नही करते, चलो माना वे नेता महान लोग थे, 

तो श्री मनमोहन जी ने देश के सच्चे सिपाहियों अर्थात हमारे निर्भीक रक्षक फ़ौजिओं के लिए फिर एक भी कोई ऐसी जगह कभी मुकर्रर क्यों नहीं की..?

उनके लिए कोई मेमोरियल बनाने का विचार क्यों नहीं आया..?

वो भी आपके चाय वाले को ही करना पड़ा।

इसीलिए ‘दिल्ली’ में देश की आन बान और शान पर मर मिट जाने वाले अमर शहीदों के सम्मान में देश का पहला “वॉर मेमोरियल” भी आपके मोदी ने ही बना डाला।

मनमोहन जी अपने ही मन के महान थे। उन्हें देश के गरीबो के लिए सस्ती दवाई देने की बात उनके मन में कभी नहीं सूझी, 

भाई दवा सस्ता दोगे तो प्राइवेट कंपनी को घाटा होगा, फिर भी डिज़ाइनर लोग ‘प्राइवेट कम्पनिओं के हाथो की कठपुतली’  मोदी को ही कहेंगे।

जबकि उसने सभी के लिए जगह-जगह “जन-औषधि-केंद्र” तक खुलवा दिए!! जहां 70 प्रतिशत तक मार्किट से सस्ती दवाइयां मिलती है,✔️ तो प्राइवेट कंपनी के हाथों की

कठपुतली कौन था . 12 रुपये का बीमा देने वाली सरकार, या वो जिसने कभी किसी को कुछ नहीं दिया .. चलो,बात Ram मंदिर की भी कर लें,  जब तक मंदिर नहीं बना तो हम कहते थे, ये तो बीजेपी का इलेक्शन का नारा है ..

और फिर जब आपके फेकू के वक्त “श्रीराम मंदिर का मुद्दा चाहे कोर्ट ने ही सही सुलझा तो दिया.. ,

फिर हम मौका-परस्तों को मिर्ची क्यों लगी? 

कांग्रेस ने कोर्ट में मंदिर मुद्दे का निर्णय देर से करने की एप्लीकेशन लगाई थी, याद है या ये भूल गए .. विल्कुल,भूल ही गए होंगे आप..

1947 भूले,  सुभाष जी की हत्या भूले, 

शास्त्री जी की रहस्यमय मौत भूले,  1962 की चीन हार भूले जिसमे हज़ारो एकड़ जमीन चीन ले गया, 

आप 1984 भूले ,

1989 कश्मीर भूले,

1992 में राम भक्तों पर चली गोली भूले,

26/11 जैसे अनेक बम ब्लास्ट भूले,  अनेक घोटाले भूले।

डीजल और सिलिंडर की बात करें  तो मेरा स्पष्ट मानना है इसमें सदैव राजनीति होती है।

  जो पार्टी विपक्ष में होती है वो जब सत्ता में होती है तो इन विषय पर कुछ नहीं कर पाती,

क्योकि इन वस्तुओं पर अभी देश आत्मनिर्भर नहीं है ..

तो आपके मोदीजी भी इस विषय पर कुछ नहीं कर पा रहे..

हाँ, कुछ रेट कम करते भी, तो वो कसर कोरोना-महामारी ने निकाल दी, क्योंकि केंद्र की एक्साइज ड्यूटी का अधिकतम पैसा वही लगने लगा है..

102 करोड़ लोगो को मुफ्त टीका, मुफ्त इलाज़, ऑक्सीजन मुफ्त, अनाज मुफ्त, सिलिंडर, वेंटीलेटर और तमाम अन्य सहायता। और कैसे भी सही फिलहाल तो डीज़ल, पेट्रोल के दाम भी कम किये गए हैं।

पर आपने डीजल-पेट्रोल के लिए मोदी को सत्ता में नहीं भेजा, ये तो मनमोहन जी भी कर लेते।

जो कश्मीर से 370 धारा हटी, वो सिर्फ आपके मोदी की ही सामर्थ्य थी।

मोदी CAA लाये, जिससे गैर मुस्लिमो को देश की नागरिकता का हक़ मिला। क्या आप इसे नेक कार्य नहीं मानते।

और मनमोहन जी ने भी सत्ता में रहते हुए खुद यही तो किया था। देश के सामने बहुत सी चुनौतियाँ हैं, और हमारे मनमोहन जी और आपके मोदी जी दोनों ने, अपनी-अपनी क्षमता अनुसार देश के लिए बेहतर ही कोशिश की है ..

बाकी सब आपको तय करना है।

मेरी इस Comparative-Study का मकसद सिर्फ इतना ही है कि,

आप किन्हीं परिस्थितियों वश “अंधभक्त” बन भी जाएं तो एकबार लोगों बहुत ज्यादा असहज नहीं लगेगा.. मग़र किसी का “अंध-आलोचक” बनना तो खुद को किसी गहरे कुंए में कुदा कर खत्म करने जैसा है।

इन सात वर्षों में आपके मोदी जी ने क्या किया..?

जो आज तक स्वतंत्र भारत के इतिहास में कोई नहीं कर पाया। आपको अतिशयोक्ति जरूर लग रही होगी। लेकिन गम्भीरतापूर्वक पढ़ें कहीं बीच में ही छोड़ दिया तो आपकी आँखे बंद ही रह जाएंगी इसलिए पूरा अवश्य पढ़ें ,

, पहली उपलब्धि ,

200 साल तक हमारे देश को गुलाम बनाने वाले ब्रिटेन में 53 देशों की मीटिंग में मोदी जी महा अध्यक्ष बने,,,इसी बात से हर एक भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो जाना चाहिए,,,

दूसरी उपलब्धि

UN मानवाधिकार परिषद में भारत की बड़ी जीत हुई है,,,सबसे ज्यादा वोटों के साथ बना सदस्य,, 97 वोटों की आवश्यकता थी मिले 188 वोट,,,, क्या अब भी भारत की जनता पूछेगी की मोदी विदेश क्यूँ जाते हैं,,,,

तीसरी उपलब्धि

दुनियाँ के 25 सबसे ताकतवर देशों की हुई लिस्ट जारी,,, भारत आया नम्बर चार पर हमसे आगे अमेरिका, रूस और चीन है,,,ये है मोदी युग,,,

चौथी उपलब्धि ,,

,1 लाख करोड़ के पार पहुँचा GST का मासिक टैक्स कलेक्शन,,,,, ये है एक चाय वाले का अर्थशास्त्र,,,

पाँचवी उपलब्धि ,,,

नए सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने में अमेरिका और जापान को पीछे छोड़ भारत पहुँचा दूसरे स्थान पर,,,,

छठी उपलब्धि,,,,,

2017-18 में दोगुना हुआ सौर ऊर्जा का उत्पादन,,,, चीन और अमेरिका भी दंग है,,,

सातवीं उपलब्धि

भारत की आसमान छू रही GDP को देखकर,,, भारत की GDP 8.2%, चीन की 6.7% और अमेरिका की 4.2%। अब भी कहेंगे भारतीय की मोदी विदेश क्यों जाते हैं,,,

आठवीं उपलब्धि ,,,

जल थल ओर आकाश तीनों क्षेत्रों से सुपरसोनिक मिसाइल दागने वाला दुनियाँ का पहला देश बना भारत,,, ये है मोदी युग,,,अगर आपको गर्व हुआ हो तो जयहिन्द लिखना न भूलें,,,,

नवीं उपलब्धि’ ,,,,

70 सालों में पाकिस्तान को कभी गरीब नहीं देखा,, लेकिन मोदी जी के आते ही पाकिस्तान कंगाल हो गया,,, दरअसल पाकिस्तान की कमाई का जरिया भारतीय नकली नोटों का व्यापार था,,,, जिसे मोदी जी ने खत्म कर दिया,,,

दसवीं उपलब्धि

को भी पढ़ें,,,,,, एक बात समझ में नहीं आयी,,, 2014 में कांग्रेसी रक्षामंत्री ऐ.के. एंटोनी ने कहा था देश कंगाल है हम राफेल तो क्या छोटा जेट भी नहीं ले सकते,,,,पर मोदी जी ने ईरान का कर्ज भी चुका दिया,, राफेल डील भी करली,, S-400 भी ले रहे हैं! आखिर कांग्रेस के समय देश का पैसा कहाँ जाता रहा था,,,?

ग्याहरवीं उपलब्धि ,

सेना को मिला बुलेटप्रूफ स्कार्पियो का सुरक्षा कवच,,, जम्मू कश्मीर में मिली सेना को 2500 बुलेटप्रूफ स्कार्पियो,,,

बाहरवीं उपलब्धि ,,

अब आपको बताता हूँ भारत का इन 4 सालों में विकास क्या हुआ,,, अर्थ व्यवस्था में फ्रांस को पीछे धकेल नम्बर 6 बना,,,

तेहरवीं उपलब्धि ,,,

ऑटो मार्केट में जर्मनी को पीछे छोड़ अब भारत नम्बर 4 पर काविज है।,,,

चौदहवीं उपलब्धि ,,,,

बिजली उत्पादन में रूस को पीछे छोड़ भारत देश नम्बर 3 पर बना,है,,

पन्द्रहवीं उपलब्धि

टेक्सटाइल उत्पादन में इटली को पीछे छोड़ भारत नम्बर 2 पर बना हुआ है,,,

सोलहवीं उपलब्धि

मोबाइल उत्पादन में वियतनाम को पीछे छोड़ नम्बर 2 बना,,,

सत्ररहवीं उपलब्धि ,,,

स्टील उत्पादन में जापान को पीछे छोड़ नम्बर 2 बना,,,

अठारहवीं उपलब्धि ,,,

चीनी उत्पादन में ब्राजील को पीछे छोड़ नम्बर 1 बना,,,

उन्नीसवीं उपलब्धि

राम मंदिर, धारा 370, ट्रिपल तलाक, जिन पर काम जारी है सी.ए.ए .एनआरसी. समान नागरिक संहिता ,जनसंख्या नियंत्रण कानून इत्यादि।

बीसवीं उपलब्धि

हमेशा सोए रहने वाले हिंदूओं में राष्ट्रवाद जगा दिया, पूरी दुनिया के सवा सौ करोड़ हिंदुओं का एक भी राष्ट्र नहीं है।

मैं इस काम को सबसे महत्वपूर्ण मानता हूं। इसको कहते हैं मोदी युग मोदी सरकार में घाटी से हो रहा है आतंकियों का सफाया,,, लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी नवेद वट को मार गिराया,,, हिज्बुल से जुड़े 2 आतंकी ढेर,, 8 महीनों में 230 आतंकियों को 72 हूरों के पास जहन्नुम में पहुंचाया……

कांग्रेस राज में आतंकी दहशत फैलाते थे मोदी राज में सेना आतंकियों के लिए ‘दहशत’ बनी हुई है,,,

ये है मोदी राज का फार्मूला,,,,

मोदी जी की बढ़ती हुई ख्याति से सारा विपक्ष बौखला गया है कि अब उनके भ्रष्टाचारी हथकंडे कामयाब नहीं हो सकेंगे

तब एक अभिमन्यु का वध करने के लिए सारे भ्रष्टाचारिता के महारथी एक होकर चक्रव्यूह की रचना कर रहे हैं

2024 में मोदी को हराने के लिए,,,

लेकिन उन भ्रष्टाचारी महारथियों को यह नहीं मालूम कि द्वापर के अभिमन्यु की चक्रव्यूह भेदन की शिक्षा माँ के गर्भ में ली गयी थी और वो भी केवल घुसने की बाहर निकलने की नहीं, लेकिन इस मोदी रूपी अभिमन्यु ने चक्रव्यूह के भेदन व उसे चकनाचूर करने की शिक्षा माँ के गर्भ से बाहर आकर इस माँ भारती से ली है जो अजेय है पराजेय नहीं है,,,,

लेख के रूप में मेरी इस स्टडी को आप गर्व से पांच ग्रुप मैं भेजे ताकि जन जन तक ये संदेश पहुंचे और सत्य की सार्थकता

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