जी हाँ, यदि देश के सभी सभ्रांत नागरिक थोड़ी देर के लिए अपने पूर्वाग्रहों से बाहर निकल कर..निजी हितों को किनारे करके विचार करें, और सदैव राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखें, तो मेरा ऐसा मानना है कि, किसी भी स्तर पर जैसे ; परिवार,समाज, संस्थान, देश या फिर दुनियां का भी “काया-पलट” हो सकता है।
आपको जानकर खुशी होगी कि, इसी “आठ अगस्त 2021” को देश में एक इतिहास रचने जा रहा हैं..देश के सच्चे सपूतों की भावनाओं की कदर करते हुए.. मुझे तो पहली बार अपने आजाद-भारत में कोई ‘सकारात्मक-आन्दोलन’ शुरु होने की आहट हुई है !
इससे नेहरू और गाँधी की वास्तविक तश्वीर उजागर होने जा रही है। जो देश के डिजाइनर नेताओं और पत्रकारों ने सदैव से छुपा रखी थी।
मैं पूरी तरह से तन, मन , धन और अपनी जानकारी के साथ इस उद्देश्य में समर्पित हूँ !!
मित्रों ! किसी भी बात की पहले हक़ीकत जानिए तब मानिए… लेकिन उसके बाद जो निर्णय लीजिएगा वह देश हित में ही लीजियेगा।
पहले, तो आप देश के पुराने कानूनों को हटाकर, नए, न्यायपूर्ण, राष्ट्रीय कानूनों को अमल में लाने हेतु , राष्ट्रवादी,बुद्धिजीवी,संस्कृति-प्रेमियों द्वारा संचालित इस “देशव्यापी-आंदोलन” को जानने हेतु अपना अमूल्य समय दीजिए..
🇮🇳 राष्ट्रीय पहल 🇮🇳
सुप्रीम कोर्ट के राष्ट्रवादी, हिन्दूवादी वरिष्ठ वकील श्री अश्वीनी उपाध्याय 8 अगस्त 2021 को दिल्ली में पुष्पेन्द्र कुलश्रेष्ठ की टीम के साथ उन पुराने और अंग्रेजो के द्वारा बनाए गए 200 काले एवं घटिया कानूनों को बदलने तथा हटाने के लिए एक आंदोलन करने जा रहे है जिनको बनाकर अंग्रेजो ने इस देश को लूटा था, इस देश की सनातन संस्कृति,गुरुकुल वाली शिक्षा पद्धति आदि को नष्ट किया था। और अंग्रेजों के बाद इन घटिया कानूनों के द्वारा कांग्रेसी, वामपंथी, कम्युनिस्ट और अलगाववादी जैसी राष्ट्रविरोधी ताकत जो इन गलत कानूनों की आड़ में सरकार तक में घुसपैठ किए बैठे हैं, और देश को लगातार लुटे चले जा रहे हैं। कौन नहीं जानता..इन कमजोर कानूनों की मदद से ही ये सारे राष्ट्रविरोधी राजनीतिक दल हमेशां से देश के खिलाफ षडयंत्र करते रहे हैं !!!
हिंदुओं का धर्मांतरण तक कर रहे हैं , इन कानूनों की वजह से ही देश का हिंदू देश में ही केरल, कश्मीर, बंगाल जेसे राज्यों से पलायन करने को मजबूर हुआ.. और इन राज्यो मे हिंदु व हिन्दू संस्कृति कमजोर क्या! लगभग नष्ट ही हो गई
इस आंदोलन में श्री अश्विनी उपाध्याय जी के साथ देश के उच्च शिक्षित और उच्च पदों पर सेवा दे चुके लोग शामिल हैं जो राष्ट्र को बचाना चाहते हैं और घुसपैठियों को भगाना चाहते है, हिन्दू सनातन संस्कृति की रक्षा करना चाहते है, जिहाद, आतंकवाद की समस्या को जड़ से खत्म करना चाहते हैं वे वन्दनीय,पूज्यनिय व्यक्तित्व हैं..
सर्वश्री – :
1.जनरल GD बक्क्षी (पुर्व आर्मी आफिसर)
2.कर्नल RSN सिंह (पुर्व RAW आफिसर)
3.सूशील पंडित(1990 के पीड़ित कश्मीरी पंडितों के नेता)
4.विष्णु शंकर जैन(सुप्रीम कोर्ट मे राम मंदिर के पक्षकार)
5.देवदत्त मांझी (बंगाल के राष्ट्रवादी हिन्दूवादी नेता)
6.अंकुर शर्मा (जम्मू कश्मीर के राष्ट्रवादी नेता)
7.आध्यात्मिक गुरु पवन सिन्हा
8. दिल्ली मे सुभाषचंद्र बोस का म्यूजियम बनाने वाले .. प्रोफेसर कपिल कुमार
9.1990 के पीड़ित कश्मीरी पंडित ललित नंबरदार
10.देश मे कांग्रेस ओर कम्युनिस्टों द्वारा बनाए गए education system को उजागर करने वाले। नीरज अत्री
11.विक्रम सिंह (उ.प्र के पुर्व DGP)
12.RVS मणि (केंद्र सरकार मे पुर्व officer)
13.यति नरसिंहानंद सरस्वती जी (डासना मंदिर विवाद मे जिहादियों का विरोध करने वाले)
14.कालीचरण महाराज 15.captain सिकंदररिजवी(पाक अधिकार वाले कश्मीर प्रांत गिलगित बाल्टिस्तान के नेता)
16.अभिनेता पूनीत इस्सर (महाभारत के दूर्योधन)
17.वसीम रिजवी(कुरान की 26 आयतो के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने वाले)
18. एन.के सूद (पुर्वRAW officer)
19.मेजर गौरव आर्य(पुर्व indian army officer)
20. विवेक अग्निहोत्री (फिल्म निर्माता, निर्देशक) तथा मैं और आप भी सहयोगी बनकर इन राष्ट्रवादी, राष्ट्रप्रेमी लोगों के इस आंदोलन का हिस्सा हो सकते हैं !!
संभवतः 1947 के बाद ये देश का पहला ऐसा आंदोलन होगा जिसमे राष्ट्रीय चेतना होगी ओर देशभक्त लोग शामिल होगे अभी तक देश मे बडे़ आंदोलन (CAA एवं NRC के खिलाफ शाहीन बाग..राजनीतिक स्वार्थ के लिए और राष्ट्र को तोड़ने के लिए गद्दारों ने दुश्मन देशों की मदद से किए है पर यह पहला आंदोलन है जो राष्ट्रहित मे, हिन्दूधर्म के हित में और भारतीय संस्कृति के हित में है और 2011 के अन्ना हजारे के आंदोलन की तरह गुमराह भी नही होगा !
याद रखना – :
1-भारत के 9 राज्यों मे हिन्दू 10% से कम हो चुके है वहा दुश्मन देशों के दलाल सरकार चला रहे है !
2- कांग्रेस ने 2006 मे सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ जाकर अप्लसंख्यक आयोग बनाया जो इन गद्दारो को कई तरह की सुविधा देता है !
3- वक्फबोर्ड जमीन का कानून जिसके कारण ही मथुरा मे कृष्णजन्म भुमि पर ईदगाह बन गई !
4-हमारे दिये Tax से मदरसो के मोलवी ओर जमातियो को वजीफा, पेंशन आदि दिया जा रहा है ।
5- हिन्दूमंदिरों के चढ़ावे, पैसे पर देश की सरकार का कब्जा है।
सरकार ये पैसा हिन्दू समाज के लिए उपयोग नही करती जबकि मस्जिदों का चढ़ावा, पेसा मुस्लिम समाज के लोगों के लिए और उनकी धार्मिक गतिविधियों के लिए ही उपयोग होता है और आप जानते ही हो ये गतिविधियां किस प्रकार की हैं ?
ये तो हुए वो मुद्दे जो हिन्दूधर्म, हिन्दू संस्कृति के खिलाफ है इनके अलावा ओर भी बहुत से कानून नियम हिन्दू धर्म के विरोध मे है और अब वे कमजोरियाँ , वे मुद्दे और कानून जो देश को खोखला कर रहे है !!
6- करोड़ों रुपये का घोटाला करने के बाद भी किसी नेता को सिर्फ 7 साल की सजा क्यों ?
7- भारत मे ही घुसपैठ क्यों हो रही है अमेरिका, चायना, इजराइल और फ्रांस में क्यो नहीं..?
8- लगभग 9 राज्यों में हिन्दू अल्पसंख्यक हो चुका है लेकिन उसे अल्पसंख्यक का दर्जा और अल्पसंख्यकों को दी जाने वाली सुविधाएं नही मिल रही.. क्यों ?
9- देश मे मुसलमानों को अपने धर्म की शिक्षा ओर धार्मिक ग्रंथ कुरान को पढा़ने की अनुमति है पर हिन्दूओ को नही क्यों ?
10- देश मे मिलावटखोरो के लिए भी 7 साल की सजा, बलात्कारियों के लिए भी 7 साल की सजा, धर्म परिवर्तन करवाने वालो के लिए भी 7 साल की सजा, देश से गद्दारी करने वाले के लिए भी 7 साल की सजा, करोड़ों रुपये का घोटाला करने वालो के लिए भी 7 साल की सजा और तो और कई मामलो मे देश पर हमला करने वाले, देश के खिलाफ षड्यंत्र करने वाले को भी 7 साल की सजा ही मिलती है क्यों ???
देश की सारी समस्याओं की जड़ इस तरह के लगभग 200 से ज्यादा कानून है जो अंग्रेज़ों ने कई वर्षों पहले अपने हिसाब से देश को लुटने के लिए बनाए थे। इनको बदलना हटाना बहुत आवश्यक है। अभी सरकार भी देश के अनुकूल है।
अगर 100 करोड़ हिन्दूओ मे से 50 करोड़ हिन्दू भी अपने राष्ट्र के लिए, अपने धर्म के लिए चिंतित है और उनमे से 10% यानि 5 करोड़ लोग भी अगर 8 अगस्त को दिल्ली पहुँच जाते हैं, तो सरकार को आपकी बात, आपकी मांगे माननी ही होगी!!
इस आंदोलन के आयोजक और कार्यकर्ता वे लोग हैं जो इस देश की सरकारी सेवाओ (सेना,खुफिया एजेंसी, पुलिस शिक्षा,ब्युरोक्रेसी आदि ) ज़िम्मेदार पदों पर ईमानदार भूमिकाओं में पूरी मुस्तेदी के साथ अपने जीवन की पहली पारी खेल चुके हैं। और आज हम सब के अर्थात आने वाली पीढ़ी के लिए दूसरी पारी की अहम भूमिका निभाने को दृढ़-संकल्पित हैं। और हर तरह का खट्टा-मीठा अनुभव उनके पास है.. बस आवश्यकता है,तो सच्चे और अच्छे लोगों के सच्चे सहयोग की।
माना कि हर कोई दिल्ली नहीं जा सकता। परन्तु इस मेसेज की सहायता से सच्चे लोगो को इस मुहीम से जोड़ने का प्रयास तो कर ही सकता है।
मैं आप सब से ही पूछता हूँ ..?
क्या हर राष्ट्रप्रेमी-नागरिक के पास ये जानकारी नहीं होनी चाहिए..? चिंतन कीजियेगा
जय हिन्द जय भारत ..
याद रखिये ये इतिहास
“8 अगस्त 2021″🇮🇳🇮🇳 रचा जा चुका है…
साभार 👍