75- “लीडरशिप”..

उत्तर प्रदेश के अखबारों में छपी एक खबर पढ़कर..तो वाक़ई मैं हैरान रह गया कि, अपने देश में नेताओं की चुप्पी एवं प्रशासन की बेहोसी के कारण आज़ादी के बाद से कई एक ऐसी सीना जोरी की सी घटनाएं अक्सर होती रही हैं.. और हमारी सरकारें बोट बैंक न खिसक जाय इस डर से आंखें बंद किए बैठी तुष्टीकरण के खेल में मस्त रहती हैं ??

1964 में एक पाकिस्तानी देवबंद आने के नाम पर वीजा लेता है और उत्तर प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्र मुजफ्फरनगर के पास फॉरेस्ट विभाग की एक जमीन पर पीर बाबा बनकर बैठ जाता है। उसने दो शादियां पाकिस्तान में कर रखी थी, फिर दो शादियां भारत में और कर लेता है। तमाम मुस्लिम धीरे-धीरे उसके पास अपनी रूहानी समस्याओं को लेकर आने लग जाते हैं.. फिर उसने “वन विभाग” की जमीन को हथियाने का एक शातिराना चाल के तहत तरीका अपनाया वहाँ उसने कुछ मजार बनवा दिए। अपने मुस्लिम भाइयों व बिकाऊ मीडिया से इस बात का प्रचार- प्रसार करवा दिया..कि ये मज़ार चमत्कारी हैं। इन मजार पर सर झुकाने से सारी समस्याएं दूर हो जाती हैं। भारत में भटके हुए लोगों का बाहुल्य है ..अब तो हर तबके के परेशान लोग धीरे-धीरे हजारों की संख्या में वहां पहुंचने लगे.. अगली चाल चलते हुए उसने उन लोगों को ठहरने के नाम पर कुछ पक्के कमरे बनवाए..तब भी तत्कालीन मौका परस्त मुख्यमंत्री व नेता लोगों के दबाब के कारण वन विभाग चुप्पी सादे रहा.. और देखते ही देखते उसने उत्तर प्रदेश “वन विभाग” की 100 एकड़ जमीन पर कब्जा कर लिया अपना एक आलीशान गेस्ट हाउस बनवा लिया, वहीं शानदार आश्रम स्थापित भी कर दिया और 1964 से लेकर अब तक अपना धंधा धड़ल्ले से चलाता रहा…है।

मग़र सौभाग्य से पूर्व की भांति जैसे ही..जिम्मेदार गुप्तचर एजेंसियों की रिपोर्ट वर्तमान मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के सामने पेश हुई तो, मा० केंद्रीय मंत्री श्री #संजीव_बलियान जी ने सारी ताम-झाम पर बुलडोजर चलवाकर पूरीतरह ध्वस्त कर दिया.. और पूरी जमीन पुनः “वन विभाग” को सुपुर्द कर दी। अभी इस बात का भी पता चला है कि इसके बारे में गुप्तचर एजेंसीयो द्वारा 1964 से लेकर तमाम सरकारों के चलते इस माँफ़िया की पूरी रिपोर्ट भेजी जाती थी। लेकिन वोट बैंक के चक्कर में योगी से पूर्व की सभी सरकारें इस धूर्त पर हाथ नहीं डाल सकी। थोड़ी देर के लिए अपना व्यक्तिगत हित-लाभ छोड़कर.. विचार कीजियेगा कि आपके ख़ुद के वजूद के साथ-साथ, देश व प्रदेश किन हाथों में सुरक्षित है…?

विचारक ; युग पचहरा, नीमगाँव,राया,मथुरा।

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