Do You Know..? ईश्वर ने सृष्टि की रचना करते समय ये “तीन-रिएक्शन्स” पहले ही फिक्स कर दिए थे…
No.1 अनाज का लम्बे वक्त तक संग्रह किया गया,तो कीड़े पैदा हो जाएंगे,वरना अमीर लोग सोने-चांदी की तरह इस पर भी कब्जा कर लिए होते।
No.2 विल्कुल इसी तरह शरीर से आत्मा के निकलने के कुछ ही देर बाद इसमें दुर्गन्ध उत्पन्न हो जाएगी, वरना लोग अपने प्रियजनों को सदैव अपने घर में ही संजो के रखते। उनका कभी-भी “अंतिम- संस्कार” होने नहीं देते।
No.3 जीवन में किसी भी प्रकार का संकट या अप्रिय घटना घटने पर भावुक होना (रोना) और फिर कुछ वक्त गुज़र जाने पर सांसारिक क्रिया-कलापों में व्यस्त होकर भूलने या फिर कहो सम्भल जाने का चलन भी स्वाभाविक नहीं होता,तो लोगों के जीवन में निराशा रूपी अंधकार उनके जीने की इच्छा को ही मार डालता।
इस विचार का ये निष्कर्ष निकलता है कि,
जीवन ‘सरल’ है…
प्रेम-करना उससे भी ‘सरल’ है…
और जीवन में हार-जीत तो सबसे ‘सरल’ है…
अब सवाल उठता है जीवन में जब सब कुछ ‘सरल ही सरल’ है तो..भई !
Q- ‘कठिन’ क्या है…?
Ans. जी हाँ जीवन में व्यक्ति का “सरल-होना” ही सबसे कठिन है।
धन्यवाद
विचारक;
युग,पचहरा,
जैन कॉलेज, सासनी,हाथरस।