जी हाँ, आप तो बस मुश्कराते रहिए…!!
जैसे; आंखें छोटी जरूर हैं मग़र !! ताकत उनमें सारी दुनिया देखने की होती है।
ठीक वैसे ही ज़िन्दगी एक हसीन ख़्वाब की तरह है। जिसमें जीने की चाहत होनी चाहिये.. मेरा ऐसा मानना है कि, ‘ग़म खुद ही ख़ुशी में बदल जायेंगे.. आपको सिर्फ “मुस्कुराने की आदत” होनी चाहिये !!’
🌹🙏 राधेगोविंद🌹🙏🏼