“शिक्षा का अर्थ किसी घड़े को भरने जैसा तो नहीं होता..,
जहाँ तक मैं समझता हूँ, शिक्षा का अर्थ व्यक्ति के अंदर ज्ञान का ऐसा प्रकाश प्रज्वलित करना है। जिसके प्रकाश से न केवल स्वयं का जीवन प्रकाशवान हो, वल्कि एक शिक्षित व्यक्ति के जीवन-काल में जितने लोग सम्पर्क में आएं उनमें से अधिकतर के लिए वह एक “सेन्टर ऑफ लाइट” की भूमिका में हो…
कम से कम इतना हो..तो कहीं “शिक्षा” के कुछ मायने समझ आते हैं।”👍
; युग,पचहरा,नीमगाँव, राया, मथुरा।
🙏🌹राधे गोविंद🌹🙏