130- “नज़रिया”

शायद ये कहना गलत है कि,

“जिंदगी सिर्फ एक बार मिलती है।”

वास्तव में यदि मेरे ‘नज़रिए’ से देखा जाय, तो ये मौत है जो सिर्फ एक बार मिलती है। जिसके लिए हरपल तैयार रहना चाहिए

क्योंकि आपका दृष्टिकोण अगर आशावादी है, तो मेरा अनुभव कहता है,

‘जिंदगी’ ही है, जो हर रोज मिलती है।

बस हमको ‘जीने की कला’ आनी चाहिए।

धन्यवाद👍 YUG,पचहरा, नीमगाँव 🙏🌹 राधे गोविंद 🌹🙏

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