113-“ज़हर”

एकबार किसी ने चाणक्य से पूछा! ये ज़हर क्या होता है।

चाणक्य ने बहुत ही सुंदर जवाब दिया !!

दुनियाँ की हर वह चीज़ जो व्यक्ति की ज़िन्दगी में जरूरत से अधिक है ‘ज़हर’ है।

फिर चाहे वह ‘ताकत’ है, ‘धन’ है, ‘भूख’ है, ‘लालच’ है, ‘अभिमान’ है, ‘आलस’ है, ‘ ‘महत्वाकांक्षा’ है, ‘प्रेम’ है या फिर ‘घृणा’ है।

जरूरत से ज्यादा हर चीज़ ज़हर ही है।

अनुकरणीय विचार..

धन्यवाद👍

सत्यमेव जयते

3 thoughts on “113-“ज़हर””

  1. This is viral fake news on WhatsApp from last 25 days ago. Our scientists are very genius. Please don’t believe on every viral post.

    Like

Leave a comment