108-“षड्यंत्र”

Do You Know About this conspiracy..?

वाक़ई बहुत बड़ा षड्यंत्र है!!

आप के हिर्दय के किसी कोने में अगर थोड़ा बहुत भी देश-प्रेम होगा, तो मेरा विश्वास है,कि आप ऐसे आस्तीन के सांपों के झांसे में बार-बार तो नहीं आएंगे..?

आप ही देखिये…

पाकिस्तान बना…. कांग्रेस शासन में. बांग्लादेश बना…. कांग्रेस शासन में. न केवल 370 लागू हुआ….वल्कि एक षड़यंत्र के तहत लम्बे समय तक लागू रखा..गया कांग्रेस की गलत नीति के कारण। अल्पसंख्यक बिल आया… कांग्रेस शासन में. मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड बना…. कांग्रेस शासन में….😳👇🤭

अल्पसंख्यक मंत्रालय बना…. कांग्रेस शासन में. अल्पसंख्यक विश्वविद्यालय भी बना …. कांग्रेस शासन में..

ये सभी काम “कांग्रेस” ने अपनी तुष्टीकरण की नीति के तहत “मुसलमानो” को सिर्फ ‘वोट-बैंक’ के रूप में स्तेमाल करने के लिए” किये..

विडम्बना देखिये.. वो भी उस वक़्त जब देश का “बंटवारा” ‘धार्मिक’ आधार पर हुआ हो !

तो क्या ये कांग्रेस की तैयारी समस्त देश के नागरिकों को “गजवा-ए-हिन्द” में झोंकने वाली नही दिखती… ???

ये कांग्रेस की देश को- धीरे-धीरे “इस्लामिक देश” बनाने की सोची-समझी रणनीति थी, वो तो इनके घोटालों के खुलने की एक सिरीज़ सी चल पड़ी.. जिससे चारों तरफ कांग्रेस की लुटिया डूबती ही चली गयी।

उसने “हिन्दुओं” के लिए “आरक्षण” नहीं वो अपने आकाओं की सलाह पर ‘कास्ट-कार्ड’ नाम का एक गेम खेला गया, ताकि “हिन्दू- समाज” सदा आपस में लड़ता रहे और बंटा भी रहे।

जिससे वे कभी कांग्रेस के “गजवा-ए-हिन्द” नाम के षड्यंत्र की ओर ध्यान भी न कर पाएं…. अब तो सत्ता में आने वाली हर पार्टी इसी फॉर्मूला को बढ़ावा दे रही है।

पूर्व प्रधानमंत्री मोरार जी देसाई ने अपनी किताब “मेरा जीवन वृतांत” में पृष्ठ संख्या 456 पर स्पष्ट लिखा है कि :- पता नही क्यों ? नेहरु को – “हिन्दू धर्म” के प्रति – एक “पूर्वाग्रह” था ??

उस वक़्त नेहरु ने – हिन्दुओं को दोयम नागरिक बनाने के लिए – “हिन्दू कोड बिल” लाने की कोशिश तो बहुत की थी, लेकिन

“सरदार बल्लभभाई पटेल” ने नेहरु को चेतावनी देते हुए साफ-साफ कह दिया था कि – यदि मेरे जीते जी आपने “हिन्दू कोड बिल” के बारे में सोचा भी.. तो मैं, “कांग्रेस” से न केवल उसी वक्त “इस्तीफ़ा” दे दूंगा,

वल्कि इस बिल के “खिलाफ” सड़कों पर “हिन्दुओं” को लेकर उतर जाऊँगा,

फिर पटेल की धमकी के सामने नेहरू की क्या विसात थी..? नेहरु उस वक्त तो “डर” गये.., मग़र सरदार पटेल के “देहांत” के बाद – नेहरू ने अपनी प्लांनिंग के तहत “हिन्दू कोड बिल” संसद में न केवल पेश किया वल्कि पास भी करा लिया..

इतिहास गवाह है, इस बिल पर चर्चा के दौरान.. आचार्य ‘जे.बी. कृपलानी’ ने – “नेहरु” को खरी-खरी सुनाते हुए “कौमवादी” और “मुस्लिम परस्त” तक कहा था। मग़र कांग्रेसियों की चमड़ी कितनी मोटी है, ये आज देश का हर नागरिक अच्छी तरह जानता है, और पहचानता भी है..

श्री कृपलानी ने ये भी कहा था कि आप सिर्फ “हिन्दुओं को धोखा” देने के लिए “जनेऊ” पहनते हो, वरना आपमें इस्लामियत कूट-कूट कर भरी हुई है। आप में हिंदुओं वाली बात, तो कहीं है ही नहीं !

यदि आप सच में “धर्म निरपेक्ष” होते ….? तो – “हिन्दू कोड बिल” के बजाय – सभी धर्मो के लिए “सर्व धर्म-कोड बिल” लाते.. ! ध्यान रहे..

मेरा ‘दलगत-राजनीति’ से कभी भी कोई सरोकार नहीं रहा है।

मग़र, देश हित में ‘वैचारिक- धरातल’ पर मैं ‘अपना-विचार’ सदैव से रखता आया हूँ..

इसमें कोई बात नहीं, मेरे किसी भी विचार को लोग कभी भी अन्यथा न लें.. क्योंकि चीजों को समझने का ‘पर्सन टू पर्सन’ अपना एक नज़रिया होता है।

ऐसी जानकारी तो मैं देश-हित में अपना नैतिक-दायित्व समझते हुए “Do You know.? सिरीज़ के तहत सिर्फ ये सोच कर शेयर कर लेता हूँ कि –

बहरहाल, आप जानते ही हैं मेरा हर ब्लॉग ‘न्यूट्रल-थॉट’ बेस्ड है।

मैं इस लिहाज़ से लिख देता हूँ कि, “सही तथ्यों को जानेगा इंडिया” तभी तो “ग़द्दारों” की छाती पे चढेगा इंडिया।

धन्यवाद👍

जय हो! “वसुधैवकुटुम्बकम” !!

नमस्कार 🙏

; युग, पचहरा, ( शिक्षक,जैन कॉलेज,सासनी,हाथरस।)

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