188-बेस-नॉलेज

हमारी सनातन संस्कृति से सम्बंधित आधारभूत जानकारियों से युक्त ..लेख 🙏

मेरा आपसे एक आग्रह है. ये “माइंड ओवर मैटर” अपने बच्चों के साथ अवश्य शेयर कीजियेगा👍

क्योंकि कई बार व्यक्ति खुद के बजूद से सम्बंधित ‘मूल-ज्ञान’ अर्थात “बेस-नॉलेज” के अभाव में कभी-कभी अपने जीवन को बहुत असुरक्षित महसूस करने लग जाता है। विशेषकर आज का ‘युवा-वर्ग’।

📜😇 दो पक्ष- कृष्ण पक्ष , शुक्ल पक्ष !

📜😇 तीन ऋण – देव ऋण , पितृ ऋण , ऋषि ऋण !

📜😇 चार युग – सतयुग , त्रेतायुग , द्वापरयुग , कलियुग !

📜😇 चार धाम – द्वारिका , बद्रीनाथ , जगन्नाथ पुरी , रामेश्वरम धाम !

📜😇 चारपीठ – शारदा पीठ ( द्वारिका ) ज्योतिष पीठ ( जोशीमठ बद्रिधाम ) गोवर्धन पीठ ( जगन्नाथपुरी ) , शृंगेरीपीठ !

📜😇 चार वेद- ऋग्वेद , अथर्वेद , यजुर्वेद , सामवेद !

📜😇 चार आश्रम – ब्रह्मचर्य , गृहस्थ , वानप्रस्थ, संन्यास !

📜😇 चार अंतःकरण – मन , बुद्धि , चित्त , अहंकार !

📜😇 पञ्च गव्य – गाय का घी , दूध , दही , गोमूत्र, गोबर !

📜😇 पंच तत्त्व – पृथ्वी , जल , अग्नि , वायु , आकाश !

📜😇 छह दर्शन – वैशेषिक , न्याय , सांख्य , योग , पूर्व मिसांसा , दक्षिण मिसांसा !

📜😇 सप्त ऋषि – विश्वामित्र , जमदाग्नि , भरद्वाज , गौतम , अत्री , वशिष्ठ और कश्यप!

📜😇 सप्त पुरी – अयोध्या पुरी , मथुरा पुरी , माया पुरी ( हरिद्वार ) , काशी , कांची ( शिन कांची – विष्णु कांची ) , अवंतिका और द्वारिका पुरी !

📜😊 आठ योग – यम , नियम , आसन , प्राणायाम , प्रत्याहार , धारणा , ध्यान एवं समाधि।

📜😇 दस दिशाएं – पूर्व , पश्चिम , उत्तर , दक्षिण , ईशान , नैऋत्य , वायव्य , अग्नि आकाश एवं पाताल

📜😇 बारह मास – चैत्र , वैशाख , ज्येष्ठ , अषाढ , श्रावण , भाद्रपद , अश्विन , कार्तिक , मार्गशीर्ष , पौष , माघ , फागुन !

📜😇 पंद्रह तिथियाँ – प्रतिपदा , द्वितीय , तृतीय , चतुर्थी , पंचमी , षष्ठी , सप्तमी , अष्टमी , नवमी , दशमी , एकादशी , द्वादशी , त्रयोदशी , चतुर्दशी , पूर्णिमा , अमावास्या !

📜😇 स्मृतियां – मनु , विष्णु , अत्री , हारीत , याज्ञवल्क्य , उशना , अंगीरा , यम , आपस्तम्ब , सर्वत , कात्यायन , ब्रहस्पति , पराशर , व्यास , शांख्य , लिखित , दक्ष , शातातप , वशिष्ठ।

शेष पार्ट-2 में..पढ़ियेगा👍

युग की कलम से..

जय माँ शारदे..💐

2 thoughts on “188-बेस-नॉलेज”

Leave a reply to Yug Cancel reply