57- “Do You Know.?”

Would You have in your memory…?

जाटों के बहादुरी भरे इतिहास को झुटलाने वालो..को क्या आप जानते हैं..?

Q-1 तैमूर को किसने मारा..?
उत्तर : चौधरी हरवीर गुलिया( जाट) ने।

Q-2 सोमनाथ मंदिर के सोने के गेट को वो भी काबुल से लड़कर कौन लाया ..?
उत्तर- “जाट रेजिमेंट” ऑफ इंडिया।

Q-3 हिन्दुस्तान से.. सबसे पहले गांधी जी के साथ किस जाट का नाम नोबेल पुरस्कार के लिए भेजा गया था..?
उत्तर- (मुरसान वाले) महाराजा महेन्द्र प्रताप सिंह जी ठेनुआ का

Q-4 पृथ्वीराज चौहान की हत्या करने वाले मोहम्मद गौरी को किसने मारा ?
उत्तर : चौधरी रामलाल खोखर (जाट ) ने।

Q-5 महाराणा प्रताप को युद्ध में हराने वाले अकबर की हड्डियों को किसने जलाया..?
उत्तर : बृज के राजाराम (जाट) ने।

Q-6 सिकंदर महान को किसने अधमरा किया जिससे बेबीलोन में जाते-जाते ही उसकी मौत हो गई..?
उत्तर – मल्ही जाटो ने। ( सन्देह हो,तो इतिहास उठाके देख लीजियेगा।

Q-7 अलाउद्दीन ख़िलजी ने चित्तौड़ जीतकर निशानी के तौर पर जो चित्तौड़ किले के किवाड़ लाकर दिल्ली लाल किले में लगा दिए थे , उसे मुग़लो से जीतकर वापस कोण लाया..?
उत्तर – जवाहर सिंह (जाट) (भरतपुर के अजेय महाराजा सूरजमल के सपूत।

Q-8 अफगानिस्तान जिस पे कभी कोई देश जीत हासिल नहीं कर सका, यहां तक अमेरिका भी नहीं। , उस अफगानिस्तान में किसने बार-बार घुस कर हिंदुस्तान का झंडा फहराया था..?
उत्तर – महाराजा रणजीत सिंह ने।

Q-9 अफगानिस्तान में आज भी किस यौद्धा के नाम का ख़ौफ है ?
उत्तर – सरदार हरी सिंह नलवा (जाट) का।

Q-10 औरंगजेब के नाक के नीचे उसके खिलाफ खुला विद्रोह करके उसके नियम मानने से इंकार करने वाला एकलौता यौद्धा कोन था..?
उत्तर – वीर गोकुला (जाट)

Q-11 क्या तुम अंजान नही हो कि भारत पर हूणों के आक्रमण पर हूणों को मारते हुए भारत से बाहर किसने भगाया..?
उत्तर – महाराजा यशोवर्धन विर्क (जाट) ने।

Q-12 भारत को एक करके राज करने वाला अंतिम बोद्ध शासक कोण था?
उत्तर- जाट महाराजा हर्षवर्धन बैंस थानेश्वर।

Q-13 : 1857 कि क्रान्ति में दिल्ली के सबसे नजदीक होकर बिना किसी स्वार्थ के अंग्रेजो को ललकारा था और जिसे दिल्ली में फांसी दी गयी..कौन था वो शेर 1857 का पहला शहीद कहलाया?
उत्तर – राजा नाहर सिंह (जाट) ही था

Q-14 क्या तुम्हे ये भी पता नही है कि 19 साल की उम्र में ग़दर पार्टी का लीडर कोण था जो विदेश से पढ़ाई छोड़कर भारत आया और देश के लिए मात्र 19 साल में ही शहीद हो गया..?
उत्तर – सरदार करतार सिंह सराभा (जाट)

Q-15 भारत में अंग्रेजों की चूल और पाट किसने इस कदर हिला दी कि उसीके कहे अनुसार उन्हें 15 साल बाद भारत छोड़ कर जाना ही पड़ा..?
उत्तर – शहीद ए आजम सरदार भगत सिंह (जाट)।

ये महज़ “15 सवाल” ही नहीं हैं। इतिहास साक्षी है, 1948 ,1965 ,1971और 1999 के युद्धों तथा आजादी के बाद हुये सभी खेलो की लिस्ट लिखने लगोगे, तो घण्टे ही नहीं कई दिन भी कम पड़ जायेंगे… इतना लम्बा और गौरवशाली इतिहास है। इस “जाट” जाति का…

हालांकि व्यक्तिगत मैं, “जाति” / “धर्म” आदि का कभी भी पक्षधर न रहा हूँ और न अभी भी हूँ।

यदि भारत में मौजूद किसी भी जाति/धर्म के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने की या किसी को उपेक्षित करने की बात कोई करेगा, तो मैं कभी उसका पक्षधर नहीं हो सकता।

क्योंकि मैं “जातिवादी” नहीं एक “मानवतावादी” विचारक हूँ।

जाटों के इतिहास से जान बूझकर वैमनश्यता के कारण अंजान बने लोगो !
“जाट” वो हस्ती है जिसने राष्ट्र और समाज हित में सदैव सच्चे चरित्र के साथ अपनी “अक्षुण्य-पहचान” खुद बनायी है और जब तक ये सृष्टि है, आगे भी इसी तरह बरकरार रखेगा क्योंकि अच्छे संस्कार जो पाए हैं।
अब आप अपनी अंतरात्मा से पूछिये..? कि बहादुरी, खुद्दारी और आत्मसम्मान का प्रतीक “जाट” है, या नहीं ! अगर आपका ज़मीर कहे, “हां विल्कुल है” तो ये वर्षों से चली आ रही वैमनष्यता मिटा कर उसे नज़र अंदाज़ करना छोड़ दीजिए..

वो सच्चा देशभक्त होने के साथ-साथ आपका अपना ही भाई है, कोई गैर नहीं है। बहुत हो चुका.. हमेशा बुरे वक्त में अपने साथ रखकर, और अच्छे समय में उपेक्षित करके उसके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने वाला रवैया बंद कर दीजिएगा। धन्यवाद👍

जाट बलवान

जय भगवान
जय हिन्दुस्तान 💪💪💪 🙏🙏🙏

; YUG पचहरा,
नीमगाँव,राया,मथुरा।
(जैन कॉलेज,सासनी,हाथरस)

2 thoughts on “57- “Do You Know.?””

  1. 🙏🙏I am proud to be a jaat🙏🙏 सर बहुत-बहुत धन्यवाद जाटों का इतिहास लोगों तक पहुंचाने के लिए। आपका ब्लॉग पढ़ कर बहुत अच्छा लगा। 🙏🙏

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  2. चाचा जी सादर चरण स्पर्श और बहुत बहुत धन्यवाद !
    भगवान के बहुत शुक्रगुजार हैं कि हम ऐसी महान जाति में जन्मे जो स्वाबलंबी, स्पष्टवादी, जुझारू होने जैसे गुणों से स्वाभाविक, प्राकृतिक रूप से ही परिपूर्ण है।
    हमें अपनी सर्वकालिक परम पराक्रमी जाति के गौरव, गुणों के संवर्धन , स्वाभिमान के संरक्षण के लिए सदैव प्रयत्नशील रहना चाहिए।
    आज हमारी जाति का कुछ युवा वर्ग अपने जातिगत स्वभाव को भूल कर के सामाजिक बुराईयों जैसें नशा,दिखावे, अन्य दुष्प्रवृतियों की तरफ आकर्षित हो गया है।युवाओं को ध्यान रखना चाहिए कि यह जाति हमेशा दुष्प्रिव्रतियों और दुष्टों को नियंत्रित करने वाली रही है, स्वयं दुष्ट बनने वाली नहीं।
    जाट कभी किसी निर्बल को रौब दिखाने वाला नहीं रहा,वो हमेशा ऐसे लोगों को औकात में लाने वाला रहा है।

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