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सभी बंधु बांधवों को ! राधे गोविंद 🙏

देश दुनियां में मनाए जाने वाले होली के पावन पर्व पर भक्त प्रह्लाद की जय जयकार के साथ साथ आप सभी को होलिका माता के दहन की हार्दिक शुभकामनाएँ।

आज हम सब बुराई पर अच्छाई की विजय के प्रतीक इस पावन अवसर को मना रहे हैं। होलिका दहन हमें उस पौराणिक कथा की याद दिलाता है जिसमें भक्त प्रह्लाद की अटूट भक्ति जो उसे “श्री हरि” के प्रगाढ़ “नाम जप” से प्राप्त हुई थी। और सत्य के प्रति उसकी निष्ठा ने अत्याचारी राजा “हिरण्यकश्यप” , जो उसके स्थूल शरीर का पिता भी था, के अहंकार एवं अज्ञान को धरासाई कर दिया था। भगवान विष्णु यानी श्री हरि की कृपा से प्रह्लाद की रक्षा हुई.. और होलिका स्वयं अग्नि में भस्म हो गई। जबकि बताते हैं कि उसके पास एक “फायर प्रूफ चादर” भी थी।

नकारात्मकता यानी अशुभ कर्म हावी रहते हैं,तो वे हमारे सुकृत्यों को भी खा जाते हैं.. ये कथा हमें सिखाती है कि, जीवन में चाहे परिस्थितियाँ कितनी भी प्रतिकूल क्यों न बन जाए..मगर हमें अपने अंदर सत्य,श्रद्धा और धैर्य को हमेशा बनाए रखना चाहिए.. अपनी मर्यादाओं में रहते हुए.. दुनियां के प्रपंच के सामने..कभी अपने धर्म से न हीं डिगना चाहिए। उस पल एक ही बात ध्यान में रखें.. ये संसार.. मृत्युलोक है.. स्थूल .. में कमाई गई सब चीजें यहीं रह जानी हैं। इस कलि काल (कलयुग) में हमारे द्वारा अन्य जीवात्माओं के साथ की हुई सेवा..आदि से प्राप्त “भलाई” और अपने इष्ट का “नाम जप” ही हमारे सूक्ष्म शरीर के साथ जाने वाला है। और कुछ.. नहीं, जहां तक है कि ये स्थूल शरीर जिसकी साज सज्जा में अपने वेश कीमती वक्त को खपा देते हैं ये भी यहीं रह जाना है।

एक और बात.. होलिका दहन केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं है, बल्कि यह हमारे भीतर की नकारात्मकता—अहंकार, द्वेष, ईर्ष्या और क्रोध—को अग्नि में समर्पित करने का प्रतीक भी है। इस पावन अग्नि के सामने हमें संकल्प लेना चाहिए कि हम अपने जीवन से बुराइयों को दूर करके प्रेम, भाई चारे और सद्भाव को अपनाएँगे। यह पर्व हमें समाज में एकता, समानता और सौहार्द का संदेश देता है। जैसे अग्नि की लपटें अंधकार को दूर करती हैं, वैसे ही हमें भी अपने जीवन में सकारात्मकता का प्रकाश फैलाना चाहिए। Saints say, we will have to transform ourselves to meet the God.👍

आइए, इस होलिका दहन पर हम सभी मिलकर यह प्रण लें कि ‘At any cost.. हम सत्य के मार्ग पर ही चलेंगे,एक-दूसरे के प्रति सम्मान और सहयोग की भावना रखते हुए.. अपने परिवार, समाज एवं राष्ट्र की उन्नति के साथ साथ अपनी आत्मोन्नती के मार्ग की ओर भी प्रतिपल अग्रसर रहेंगे।

एक बार पुनः आप सभी को होलिका दहन की हार्दिक शुभकामनाएँ।

धन्यवाद!

आपका शुभ चिंतक :

योगेंद्र सिंह पचहरा, मुखिया परिवार नीमगांव से

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