204-नई शिक्षा नीति एक समीक्षा..

नई “शिक्षा नीति” अर्थात NEP,2020..

समस्त भारत में जब नई शिक्षा नीति को लागू करने की केन्द्रीय कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दी, तो आमजन के लिए ये एक हर्ष का विषय है। क्योंकि ऐसा निर्णय एक लंबे अर्से के बाद लिया गया है।

“के एल जैन” जैसी प्रदेश की नामचीन शिक्षण संस्था जब अपने ” विद्यालय के अस्सी वर्ष की स्मृतियां ” विशेषांक निकाल रही है, और उसमें “नई शिक्षा नीति की समीक्षा न की जाय ऐसा हो नहीं सकता।

इसलिए अपने छात्र एवं छात्राओं के हित को ध्यान में रखते हुए..एन.ई.पी.,2020 की बिंदुवार समीक्षा.. होनी ही चाहिए।

आइए.. एक नज़र डालते हैं कि, 34 साल बाद भारतीय शिक्षा नीति में आखिर क्या-क्या बदलाव किए गए हैं:

देश की शिक्षा नीति में हुए बदलाव को समझना न केवल शिक्षा जगत से जुड़े लोगों के लिए जरूरी है अपितु “नई शिक्षा नीति” को जानना.. देश के प्रत्येक नागरिक के लिए नितांत आवश्यक..हैं। तभी तो हम अपने नौनिहालों को शिक्षा के क्षेत्र में सही दिशा दे पाएंगे।

जैसे; अब

10वीं बोर्ड एवं एम फिल.. खत्म ==================

माननीय मंत्री , शिक्षा विभाग , भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित नई शिक्षा नीति 2020 को केन्द्रीय कैबिनेट ने अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है। केन्द्रीय सरकार की कैबिनेट स्वीकृति के बाद 2023 से देश में नई शिक्षा नीति लागू होने से ठीक 36 साल बाद ऐसा सम्भव हो सका है।

कैबिनेट ने नई शिक्षा नीति (New Education Policy, 2020) को आखिर हरी झंडी दे ही दी।

वैसे 34 साल बाद शिक्षा नीति में आमूल-चूल परिवर्तन किये गये हैं।

नई शिक्षा नीति की उल्लेखनीय बातें एकदम सरल तरीके से इस प्रकार हैं:

5 Years Fundamental ;

1.  Nursery    @4 Years

2.  Jr KG        @5 Years

3.  Sr KG        @6 Years

4.  Std 1st     @7 Years

5.  Std 2nd    @8 Years 3 Years

Preparatory;

6.  Std 3rd     @9 Years

7.  Std 4th     @10 Years

8.  Std 5th     @11 Years 3 Years Middle

9.  Std 6th     @12 Years

10.Std 7th     @13 Years

11.Std 8th     @14 Years 4 Years

Secondary ;

12.Std 9th     @15 Years

13.Std SSC    @16 Years

14.Std FYJC  @17Years

15.STD SYJC @18 Years खास बातें केवल 12वीं क्‍लास में होगा बोर्ड, MPhil होगा बंद, कॉलेज की डिग्री चार साल की।

■10वीं बोर्ड खत्‍म, MPhil भी होगा बंद,

◆अब 5वीं तक के छात्रों को मातृ भाषा, स्थानीय भाषा और राष्ट्र भाषा में ही पढ़ाया जाएगा, बाकी विषय चाहे वो अंग्रेजी ही क्यों न हो, एक सब्जेक्ट के तौर पर ही पढ़ाया जाएगा,

● गौर कीजिएगा पहले 10वी बोर्ड की परीक्षा देना अनिवार्य होता था, जो अब नहीं होगा,

9वींं से 12वींं क्लास तक सेमेस्टर में परीक्षा होगी.।

स्कूली शिक्षा को 5+3+3+4 फॉर्मूले के तहत पढ़ाया जाएगा।

■ वहीं कॉलेज की डिग्री 3 और 4 साल की होगी। यानि कि ग्रेजुएशन के पहले साल पर सर्टिफिकेट, दूसरे साल पर डिप्‍लोमा, तीसरे साल में डिग्री मिलेगी.।

◆3 साल की डिग्री उन छात्रों के लिए है जिन्हें हायर एजुकेशन नहीं लेना है. वहीं हायर एजुकेशन करने वाले छात्रों को चार साल की डिग्री करनी होगी। चार साल की डिग्री करने वाले स्‍टूडेंट्स एक साल में एम. ए. कर सकेंगे।

●MA के छात्र अब सीधे Ph.D. कर सकेंगे।

स्‍टूडेंट्स बीच में अब दूसरे कोर्सेज भी कर सकेंगे।

हायर एजुकेशन में 2035 तक ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो 50 फीसदी हो जाएगा। वहीं नई शिक्षा नीति के तहत कोई छात्र एक कोर्स के बीच में अगर कोई दूसरा कोर्स करना चाहे तो पहले कोर्स से सीमित समय के लिए ब्रेक लेकर वो दूसरा कोर्स कर सकेगा।

■हायर एजुकेशन में भी कई सुधार किए गए हैं। सुधारों में ग्रेडेड अकेडमिक, ऐडमिनिस्ट्रेटिव और फाइनेंशियल ऑटोनॉमी आदि शामिल हैं।

इसके अलावा क्षेत्रीय भाषाओं में ई-कोर्स शुरू किए जाएंगे। वर्चुअल लैब्स विकसित किए जाएंगे। एक नैशनल एजुकेशनल साइंटफिक फोरम (NETF) शुरू किया जाएगा।

आपको बता दें कि देश में 45 हजार कॉलेज हैं।

मगर अब सरकारी, निजी, डीम्‍ड सभी संस्‍थानों के लिए होंगे समान नियम।

धन्यवाद

समीक्षक ; योगेंद्र सिंह पचहरा,

शिक्षक,के.एल.जैन इंटर कॉलेज,सासनी,हाथरस

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