169 – क्लीनबोल्ड

“क्रिस्टोफर ग्रीनवुड” का क्लीन बोल्ड होने का ये न्यूज़ न केवल भारत के लिए वल्कि पूरी दुनियाँ के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय ब्रेकिंग न्यूज है… !!!

ये सुनकर देश के भी कुछ डिज़ाइनर लोग सकते आगए होंगे !!! 

यदि देश-दुनियाँ के कर्रेंट-अफेयर्स पर नज़र रखना आपके स्वभाव में है, तो आपने भी सुन लिया होगा। कि, अंतरराष्ट्रीय-न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश का चुनाव हो चुका है!!!

जिसमें भारत ने एक शानदार जीत हासिल की है!!! 

कहना न होगा.. कि देश के नेतृत्व ने अपनी चाणक्य-कूटनीति से विश्व पटल पर ब्रिटेन को न सिर्फ हराया..है, वल्कि पिछले 71 वर्षों से चले आ रहे उसके एकाधिकार को भी खत्म किया है।

आगे भी ऐसे कई एक टॉप सेक्रेट्स सामने आएंगे जब..एकबार को तो आप अर्थात देश-दुनियाँ के अधिकतर लोग भौ-चक्के रह जाएंगे। देखते जाइए..

     इसमें कोई दोराय नहीं, देश के नेतृत्व व विदेश मंत्रालय ने दुनिया भर के देशों के साथ संबंध विकसित किए हैं। उसी मेहनत का ये परिणाम है कि, आज “न्यायमूर्ति दलवीर भंडारी” को अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में अनेक देशों के लोगों ने ससम्मान चुन दिया है।  

    भारत के न्यायमूर्ति दलवीर सिंह को 193 मतों में से 183 मत मिले। (प्रत्येक देश से एक का प्रतिनिधित्व ही किया गया था।) अर्थात 193 देशों में से ब्रिटेन के न्यायमूर्ति “क्रिस्टोफर ग्रीनवुड” को मात्र 10 मत ही मिल सके।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस उपलब्धि को हासिल करने के लिए देश का शीर्ष नेतृत्व और विदेश मंत्रालय पिछले 6 महीने से लगातार काम कर रहे थे। 

        अब आप एक मिनट उन चार बिंदुयों को गम्भीरतापूर्वक देख लीजियेगा.. 

  1- सभी 193 देशों के प्रतिनिधियों से संपर्क करना।

2- अंतर्राष्ट्रीय मंच पर ब्रिटिश उम्मीदवार के समक्ष अपना उम्मीदवार खड़ा करना।

3- फिर सभी देशों के सामने भारत की स्थिति को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करना।

4- सभी को इस पॉइंट पर कौनफीडेंस में लेना कि “मुख्य न्यायाधीश हमारा यानी भारत का ही क्यों होना चाहिए।

ये बात अपने आप में जितनी बड़ी  है…ये काम उतना ही मुश्किल भी था..,!!! इस दुर्लभ कार्य को फिर “जीत” में सुनिश्चित करना, तो अति दुर्लभ था।

मेरे अनुभवों की समझ कहती है कि, ‘नेक-नियत’ व ‘पक्का-इरादा’ हो तो क्या नहीं हो सकता..? मेरा मतलव है देश-दुनियाँ में तो सब कुछ हो सकता है👍 

       ग़ौर कीजियेगा, 11 राउंड के मतदान में,भारत के न्यायमूर्ति दलवीर भंडारी को महासभा में 193 देशों में से 183 देशों ने अपना समर्थन दिया और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सभी 15 सदस्यों में से पूरे 15 के पन्द्रह वोट मिले।

श्रेय चाहे जिसको भी मिले ऐसे मंज़र देश के लोगों में जज्बा अवश्य भरते है..? 

   अब भारत के “दलवीर भंडारी” 9 साल की अवधि के लिए इस पद पर अंतरराष्ट्रीय-मामलों के

मुख्य-न्यायाधीश बने रहेंगे।   

ये 183 देश “अंधे मोदी भक्त” हैं क्या..?  जिन्होंने भारत को वोट कर दिया..!!

   गौरव की बात तो ये है कि, न सिर्फ भारत के इतिहास में वल्कि जब तक दुनियाँ रहेगी तब तक “अंतरराष्ट्रीय इतिहास” में ये ‘उत्कृष्ट उदाहरण’ दर्ज रहेगा।

70 वर्ष की आजादी के बाद इतनी बड़ी उपलब्धि देश के लिए सराहनीय है।👍 

  जय हिंद-जय भारत।

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