दो बातें अमल में लाने से मनुष्य का “व्यक्तित्व” वाक़ई निखर जाता है..
यदि आप ये समझें कि, कि आपके पास सब कुछ है, आप भौतिक स्तर पर लगभग सम्पन्न हैं, तो फिर आप!
जैसे; जब आप ये समझें कि, किन्हीं कारणों से आपके पास कुछ भी नहीं बचा.. तब
बात नंबर-एक ‘धीरज’ पर अमल अवश्य करें.. अर्थात धैर्यपूर्वक रहें..और
बात नंबर-दो ; अपने रोजमर्रा के आचरण में “व्यवहार” पर न केवल अमल करें अपितु विशेष ध्यान दें👍
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