दुनियाँ में लोग अपने इष्ट को खुश करने के लिए क्या-क्या नहीं करते.. जैसे; अधिकतर लोग केवल खाद्यान्न का उपवास करके ही अपने को पावन मान लेते हैं।
जबकि मेरा ऐसा मानना है कि, आचरण की पवित्रता बनाये रखने के लिए
दुनियाँ में दिन प्रतिदिन गिरते नैतिक मूल्यों एवं मानव मूल्यों के स्तर को ध्यान में रखते हुए हमें अन्न आदि का उपवास लेने के साथ-साथ लोभ, लालच, पाप, चुगलखोरी, झूठ, फरेब, क्रोध, षड़यंत्र, जैसे; अमानवीय कृत्यों एवं बुरे विचारों का उपवास करने का संकल्प भी अवश्य लेना चाहिए..!!! 💐 👍
सही कहा सर🙏🏻
LikeLike
Thanks
LikeLike